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वाङ्मय-सामग्री

भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के राष्ट्रीय एवं प्रान्तीय सम्मेलनों में दिए गए भाषण और प्रस्ताव

‘हिन्दोस्थान’ में प्रकाशित सम्पादकीय, लेख और टिप्पणियाँ

मुक़दमों के दस्तावेज

कोर्ट कैरेक्टर एण्ड प्राइमरी एजुकेशन इन द नॉर्थ-वेस्ट प्रोविंसेस एण्ड अवध

‘अभ्युदय’ में प्रकाशित सम्पादकीय, लेख और टिप्पणियाँ

‘सनातनधर्म’ में प्रकाशित सम्पादकीय, लेख और टिप्पणियाँ

अखिल भारतवर्षीय सनातनधर्म महासभा की स्थापना एवं कार्य

ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम कॉलेज़ पेपर्स

इण्डियन इण्डस्ट्रियल कमीशन (1916-1918) की बैठकों में दिए गए भाषण

काशी हिंदू विश्वविद्यालय पेपर्स

गंगा-समझौता (हरिद्वार)

कथा-प्रवचन और भगवद्गीता-प्रवचन

अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय और प्रान्तीय सम्मेलनों में दिए गए भाषण

लेजिस्लेटिव काउन्सिल ऑफ़ द यूनाइटेड प्रोविंसेस में दिए गए भाषण

काउंसिल ऑफ़ द गवर्नर जनरल ऑफ़ इण्डिया में दिए गए भाषण

इण्डियन लेजिस्लेटिव काउन्सिल में दिए गए भाषण

लेजिस्लेटिव असेम्बली में दिए गए भाषण

ए क्रिटिसिज्म ऑफ़ माण्टेग्यू-चेम्सफोर्ड प्रोपोजल्स ऑफ़ इण्डियन कॉस्टिट्यूशनल रिफॉर्म्स

सर्चिंग क्योश्चन अपॉन मार्शल लॉ इन द पंजाब

‘विश्व पञ्चाङ्ग’ के सम्पादक

द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में दिए गए भाषण और टिप्पणियाँ

पूना-समझौता पेपर्स

मालवीय जी द्वारा लिखित पुस्तकों की भूमिका, प्रस्तावना और सम्मति

संस्कृत में लिखे गए अभिलेख, अभिनन्दन पत्र, सूक्तियाँ-सुभाषित

विविध लेखन-कार्य

विविध भाषण

पत्रावली

चित्रावली

कालानुक्रम

परिशिष्ट

अनुक्रमणिका

भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के राष्ट्रीय एवं प्रान्तीय सम्मेलनों में दिए गए भाषण और प्रस्तावेज :

मालवीयजी सन् 1886 से 1936 तक भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के प्राय: सभी अधिवेशनों में सम्मिलित हुए और प्राय: सभी में उनके सम्बोधन हुए। इनमें 4 बार (लाहौर, 1909; दिल्ली, 1918; दिल्ली, 1932 और कलकत्ता, 1933) वह काँग्रेस के राष्ट्रपति (राष्ट्रीय अध्यक्ष, उन दिनों काँग्रेस के अध्यक्ष को ‘राष्ट्रपति’ कहा जाता था।) चुने गये। सन् 1933 के अधिवेशन में मालवीयजी सम्मिलित न हो सके; क्योंकि इन दिनों वह जेल में थे। काँग्रेस-अधिवेशनों में वह विशेषत: देश की राजनीतिक दुरावस्था, जनता की निर्धनता-जैसे मुद्दों पर ज़ोर देते थे। इसी प्रकार उन्होंने अखिल भारतीय काँग्रेस कमेटी, काँग्रेस कार्यकारिणी समिति की बैठकों और काँग्रेस के प्रान्तीय अधिवेशनों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। ‘वाङ्मय’ में भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस में दिए गए सभी भाषण और प्रस्ताव सम्मिलित किये जायेंगे। काँग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशनों में मालवीयजी द्वारा दिए गए भाषण इस प्रकार हैं :

  • 27-30 दिसम्बर, 1886 ई., कलकत्ता
  • 27-30 दिसम्बर, 1887 ई., मद्रास
  • 26-29 दिसम्बर, 1888 ई., इलाहाबाद
  • 26-28 दिसम्बर, 1889 ई,. बम्बई
  • 26-30 दिसम्बर, 1890 ई., कलकत्ता
  • 28-30 दिसम्बर, 1891 ई., नागपुर
  • 28-30 दिसम्बर, 1892 ई., इलाहाबाद
  • 27-30 दिसम्बर, 1893 ई., लाहौर
  • 26-29 दिसम्बर, 1894 ई., मद्रास
  • 27-30 दिसम्बर, 1895 ई., पूना
  • 28-31 दिसम्बर, 1896 ई., कलकत्ता
  • 28-29 दिसम्बर, 1897 ई., अमरावती
  • 27-30 दिसम्बर, 1899 ई., लखनऊ
  • 27-30 दिसम्बर, 1900 ई., लाहौर
  • 26-27 दिसम्बर, 1901 ई., कलकत्ता
  • 23-24, 26 दिसम्बर, 1902 ई., अहमदाबाद
  • 28-30 दिसम्बर, 1903 ई., मद्रास
  • 26-28 दिसम्बर, 1904 ई, .बम्बई
  • 27-30 दिसम्बर, 1905 ई, वाराणसी
  • 26-29 दिसम्बर, 1906 ई., कलकत्ता
  • 26-27 दिसम्बर, 1907 ई., सूरत
  • 28-30 दिसम्बर, 1908 ई., मद्रास
  • 27-29 दिसम्बर, 1909 ई., लाहौर (अध्यक्षता)
  • 26-29 दिसम्बर, 1910 ई., इलाहाबाद
  • 27-28 दिसम्बर, 1911 ई., कलकत्ता
  • 26-28 दिसम्बर, 1912 ई., बाँकीपुर
  • 28-30 दिसम्बर, 1914 ई., मद्रास
  • 27-29 दिसम्बर, 1915 ई,. बम्बई
  • 26-30 दिसम्बर, 1916 ई., लखनऊ
  • 26-29 दिसम्बर, 1917 ई., कलकत्ता
  • 29 अगस्त, 1918 ई. बम्बई (विशेष सत्र)
  • 28-30 दिसम्बर, 1918 ई., दिल्ली (अध्यक्षता)
  • 28-31 दिसम्बर, 1923 ई., काकीनाडा
  • 26-28 दिसम्बर, 1925 ई., कानपुर
  • 26-28 दिसम्बर, 1926 ई., गुवाहाटी
  • 25-31 दिसम्बर, 1929 ई., लाहौर
  • 29-31 मार्च, 1931 ई., कराची
  • 1932 ई., दिल्ली (अध्यक्षता)
  • 12-14 सितम्बर, 1933 ई., कलकत्ता (अध्यक्षता)*
  • 26-28 अक्टूबर, 1934 ई., बम्बई
  • 28-30 दिसम्बर, 1936 ई., फैज़पुर